badha nash jaise kaamon mein prayog hote hain. - An Overview



श्री शुक्ले महा-शुक्ले कमल-दल-निवासे श्री महा-लक्ष्मी नमो नम:। लक्ष्मी माई सत्त की सवाई। आओ, चेतो, करो भलाई। ना करो, तो सात समुद्रों की दुहाई। ऋद्धि-सिद्धि खावोगी, तो नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई।।

शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं

साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। 

भैरव की अघोर शक्ति से और सिद्ध मंत्र से किया गया अभिमंत्रित कड़ा यानि कि भैरव कड़ा जो हर तरह की बीमारियों के सामने रक्षण देता हे मसान की खतरनाक शक्तियों के सामने और बुरी आत्मा के सामने रक्षण करता हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट करके मंगवा सकता हे

उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक बांधों, चाटक बांधों, बांधों भुइयां वैताल, नजर गुजर देह बांधों, राम दुहाई फेरों।

जप साधना में असली शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करें। 

रोग निवारण: शाबर मंत्रों का उपयोग भूत-प्रेत बाधा, मानसिक तनाव, website और शारीरिक रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है।

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

साधना आरम्भ से पूर्व मंत्र को कण्ठस्थ करके'जप करें। 

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नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।

अगर आप ग्रहण काल के दरमियान किसी शाबर मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको जो भी मंत्र सिद्ध करना है उसे अच्छी तरीके से याद कर ले मतलब कि आप बिना किताबों को भी उस मंत्र को पढ़ पाए.

हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।

साधना के लिए एकांत और शुद्ध स्थान का उपयोग करें। 

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